2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले ने एक और केंद्रीय मंत्री की कुर्सी ले ली है। 2जी घोटाले में घिरे टेक्सटाइल मिनिस्टर दयानिधि मारन से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा मंजूर होना तय मानते हुए अब पूछा जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी कब होगी।
बुधवार को सीबीआई ने 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में मारन को भी लपेटे में ले लिया था। सीबीआई ने उन पर आरोप लगाए कि उन्होंने चेन्नै के एक टेलिकॉम प्रोमोटर पर एयरसेल की हिस्सेदारी को मलेशियन फर्म को बेचने का दबाव डाला था। सीबीआई इन आरोपों की जांच कर रही है। मारन फरवरी , 2004 से लेकर मई , 2007 के बीच टेलिकॉम मंत्री थे।
इन आरोपों के बाद मारन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया था। गुरुवार दोपहर मारन ने आखिरकार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। पिछले कुछ दिनों में मारन की प्रधानमंत्री से यह दूसरी मुलाकात थी।
'मारन को पहले ही देना था इस्तीफा'
इस्तीफा देने का बाद मारन ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उधर, बीजेपी ने कहा कि मारन ने इस्तीफा देने में बहुत देर की। उन्हें यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था। सीपीआई-एम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने कहा कि 2जी घोटाला बड़ा है। यह मामला मारन के इस्तीफे के साथ खत्म नहीं हुआ है।
सीबीआई कर सकती है पूछताछ
सीबीआई ने बुधवार को 2 जी स्पेक्ट्रम संबंधित अपनी 71 पेजों की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश की। सीबीआई ने कहा कि जब मारन टेलिकॉम मिनिस्टर थे तब उन्होंने एक टेलिकॉम प्रोमोटर सी . शिवशंकरण को एयरसेल की हिस्सेदारी मलेशियन फर्म मैक्सिस ग्रुप को बेचने का दबाव डाला था। सीबीआई की ओर से पेश वकील के . के . वेणुगोपाल ने जस्टिस जी . एस . सिंघवी और जस्टिस ए . के . गांगुली के सामने स्टेटस रिपोर्ट पेश की। मारन का नाम लिए बगैर सीबीआई ने कहा कि चेन्नै बेस्ड बिजनेसमैन को यूएएस लाइसेंस दो साल तक नहीं दिया गया। मारन ने मलेशियाई फर्म का पक्ष लिया और एयरसेल टेकओवर करने के छह महीने के भीतर ही उसे लाइसेंस दे दिया गया। एयरसेल के प्रोमोटर ने तमाम दरवाजे खटखटाए लेकिन जब उनके पास कोई चारा नहीं बचा तो उन्होंने इसके शेयर मलेशियन फर्म को बेच दिए। खबर है कि इस मामले में जल्द ही मारन से पूछताछ करेगी।
होगी गिरफ्तारी?
2जी घोटाले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए. राजा और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनिमोड़ी के जेल पहुंचने के बाद अब यह भी पूछा जा रहा है कि क्या मारन का इस्तीफा काफी होगा? उनकी गिरफ्तारी की मांग तो शुरू हो ही गई है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस बारे में सीबीआई पूछताछ से पहले कुछ कहना मुश्किल है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में ठोस सबूत को देखते हुए माना जा रहा है कि पूछताछ की औपचारिकता के बाद सीबीआई प्राथमिकी दर्ज करेगी और फिर उनकी गिरफ्तारी को टालना मुश्किल होगा।
एक एनजीओ ने अपनी याचिका में कहा है कि मारन ने अपने कार्यकाल में एयरसेल को 14 लाइसेंस दिए थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बाद में मारन ने एयरसेल को यूएएस लाइसेंस जारी करने में लगातार देरी की। कंपनी 2004 से ही दूरसंचार विभाग में इसके लिये लगातार आवेदन कर रही थी , लेकिन समय - समय पर अलग - अलग मुद्दे उठाकर लाइसेंस जारी करने से इनकार किया जाता रहा। इसके बाद कंपनी के मालिक शिवशंकर को आखिरकार एयरसेल को मलेशिया की मेक्सिस समूह को बेचना पड़ा।
Anand Kumar
I am Anand Kumar, Co-Founder of ASBrainZ Technologies. Apart of this I am founder & Editor at Csharpmagic.com/www.Smartonpay.com. I like to share my Knowledge,Thought which comes in mind. This thoughts and view is my personal opinion .
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