My Common Man

Breaking News
recent

भारत


रामदेव के आश्रम पहुंची सीबीआई टीम, बालकृष्‍ण से की पूछताछ


हरिद्वार.योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बालकृष्ण से पूछताछ की है। सीबीआई ने बालकृष्ण से पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत जानकारी देने के बाबत सवाल पूछे। यह बात सामने आ चुकी है कि बालकृष्ण के पास दो जन्म प्रमाण पत्र हैं, जिनमें कई जानकारियां एक-दूसरे से मेल नहीं खाती हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम गुरुवार को हरिद्वार पहुंची और उसने बालकृष्ण से पूछताछ की। जांच टीम हरिद्वार नगर पालिका परिषद भी गई और जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के दफ्तर को खंगाला। 
हरिद्वार के लोकल इंटेलीजेंस यूनिट इंसपेक्टर संजय बिश्नोई के मुताबिक पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि बालकृष्ण के पास एक ही जन्म प्रमाण पत्र है जिसे 7 फरवरी, 2007 को रेन्यू किया गया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीयता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि हरिद्वार नगर पालिका की तरफ से जारी उनके दोनों जन्म प्रमाण पत्रों में कई गड़बड़ियां पाई गई हैं। एक सर्टिफिकेट में जहां बालकृष्ण के माता-पिता की राष्ट्रीयता भारतीय बताई गई है, वहीं दूसरे में नेपाल। हरिद्वार नगर पालिका के अधिकारी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। हरिद्वार के एसएसपी केवल खुराना ने सीबीआई टीम को मामले से जुड़े दस्तावेज सौंप दिए हैं।  

बाबा रामदेव के पासपोर्ट पर भी उठे सवाल, जांच शुरू


 अपने सहयोगी बालकृष्ण के बाद अब खुद बाबा रामदेव भी पासपोर्ट को लेकर संदेह के घेरे में आए हैं। मीडिया की खबरों के मुताबिक खुद रामदेव के पासपोर्ट की जांच शुरू हो गई है। वजह यह है कि इसमें जन्मस्थान, तारीख के बारे में दो तरह की जानकारियां दी गई हैं। नई जानकारियों के पक्ष में कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है। इसके अलावा पिता का नाम भी सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा।

मिली जानकारी के मुताबिक स्वामी रामदेव का पहला पासपोर्ट 31 अगस्त, 1994 संख्या-आर-626709 ]बरेली के पासपोर्ट कार्यालय से जारी हुआ। तब रामदेव ने मुजफ्फरनगर के पते से आवेदन किया था और अपना जन्म स्थान खतौली, जिला मुजफ्फरनगर बताया था। जन्म तिथि 16-11-1971 बताई गई थी।

इसके करीब 12 साल बाद 2006 में उन्होंने पासपोर्ट कार्यालय में एक हलफनामा देकर कहा कि आवेदन में उन्होंने भूलवश अपनी जन्म तिथि और जन्म स्थान के बारे गलत जानकारी दी थी। अत: अब उन्हें नए जन्म स्थान और जन्म तिथि के आधार पर पासपोर्ट दिया जाए। इस बार उन्होंने अपनी जन्म तिथि 10-1-71 और जन्म स्थान ग्राम सैदअलीपुर जिला महेन्द्रगढ़, हरियाणा बताया।

पिता के नाम पर भी सवाल उठा है। इस बार के आवेदन में उन्होंने पिता वाले कॉलम में रामनिवास यादव की जगह स्वामी शंकरदेव लिखा था। इसके प्रमाण के तौर पर उन्होंने राशन कार्ड और वर्ष 2000 की वोटर लिस्ट की कॉपी लगाई। इन दोनों में ही उनके पिता का नाम स्वामी शंकरदेव दर्ज है जबकि सरकारी जांच रिपोर्ट में उनके पिता का नाम रामनिवास यादव बताया गया है।

गौरतलब है कि सरकारी जांच एजेंसी ने पासपोर्ट कार्यालय को उसी समय बता दिया था कि कि बाबा ने नयी जानकारियों के पक्ष में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। बावजूद इसके उन्हें तत्काल कोटे में नया पासपोर्ट जारी कर दिया गया। खबर है कि अब इस पूरे मामले की जांच संबंधित एजेंसियों ने शुरू कर दी है।


Powered by Blogger.