बोर्ड को मेरी जरूरत नहीं : गेल
राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से बाहरआक्रामक सलामी बल्लेबाज क्रिसगेल ने वेस्ट इंडीज क्रिकेट बोर्ड केअब तक के सुलह के प्रयासों को 'दिखावा और मजाक ' करार दियाहै। गेल ने कहा कि मुझे महसूसहो गया है कि बोर्ड को मेरी जरूरत नहीं है और मैं अब अपनेलिए नए मौके तलाशूंगा। उन्होंने हालांकि साफ किया कि वहरिटायरमेंट के बारे में नहीं सोच रहे हैं और नैशनल टीम के लिएउपलब्ध रहेंगे। वहीं कैरिबियाई टीम के कोच ओटिस गिब्सन नेजोर देकर कहा कि टीम मीटिंग में क्रिस गेल पर बात नहीं होती।कोच ने कहा कि उनकी पूरी ऊर्जा भारत के खिलाफ यहां चल रहेदूसरे टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने पर टिकी है।
कई मुद्दों पर इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज केे बोर्ड के साथमतभेद चल रहे हैं। गेल ने शनिवार को कड़ा बयान देते हुए कहा, ' वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने मुझे कुछ नहीं कहा है , मेरे सामनेआगे बढ़ने के लिए कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है। मुझे यह कड़वाअहसास हो गया है कि बोर्ड को मेरी जरूरत नहीं है। सुलह केअब तक जो प्रयास हुए वह दिखावा और मजाक था। ' गेल नेकहा कि मैं इसे वेस्ट इंडीज और दुनिया के लोगों को बेवकूफबनाने की साजिश के रूप में देखता हूं। वे लोगों को दिखा रहे हैंकि वे वेस्ट इंडीज क्रिकेट में मेरी वापसी को लेकर गंभीर हैं। इससलामी बल्लेबाज ने कहा , ' मेरी आंखें खुल गई हैं , मेरा मनसाफ है और मेरा अंतर्मन कह रहा है कि मुझे अपने जीवन केइस अध्याय को बंद कर देना चाहिए। मैं डब्ल्यूआईसीबी का बलिका बकरा नहीं बनने वाला। '
दूसरी ओर कैरिबियाई कोच गिब्सन ने कहा , ' हम बैठकर क्रिसगेल के बारे में चर्चा नहीं करते। हम चर्चा करते हैं कि किस तरहद्रविड़ और लक्ष्मण को आउट करना है। किस तरह इशांत शर्माको छह विकेट लेने से रोकना है। हम टेस्ट कैसे जीत सकते हैं।हम गेल के बारे में बात नहीं करते। ' उन्होंने कहा ति हम ऐसीटीम बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो प्रतिस्पर्धी हो और जीतनाशुरू करे। सभी को इसमें भूमिका निभानी होगी , गेल को भीअगर वह चाहे तो। वह सब कुछ जानता है , लेकिन उसने अपनीराह चुनी है। ' गिब्सन से उस विवादास्पद कैच के बारे में भीपूछा गया जिसे राहुल द्रविड़ के खिलाफ चौथे दिन के खेल केदौरान एड्रियन बराथ ने लपकने का दावा किया था। उन्होंने कहा, ' जब मैंने पहली बार इसे देखा तो मुझे लगा कि वह आउट है।जब मैंने रिप्ले देखा तो ऐसा नहीं लगा। एड्रियन भी सुनिश्चितनहीं था और उसने अंपायरों से कहा , लेकिन अंत में सही फैसलाकिया गया। '
इंग्लैंड टूर के लिए बनाई खास रणनीति : गंभीर
भारत के स्टार ओपनर गौतम गंभीर ने खुद को आगामी इंग्लैंड टूर के लिए फिट घोषित किया है। इस क्रिकेटर ने इंग्लैंड में पेसरों के अनुकूल हालात के लिए नई खास बैटिंग रणनीति बन
ई है। कंधे की चोट के कारण वेस्ट इंडीज के मौजूदा टूर से बाहर रहने वाले गंभीर का मानना है कि इंग्लैंड के माहौल में सफल होने को भारतीय बैट्समैनों के लिए 'मानसिक रूप से खुद को ढालना' अहम होगा। गंभीर ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैंने पूरी फिटनेस हासिल कर ली है। मैं मानसिक और शारीरिक तौर पर फिट महसूस कर रहा हूं। मेरे कंधे में अब दर्द नहीं हो रहा है।'
मानसिक है मामला
गंभीर ने 38 टेस्ट में 51.33 की औसत से 3234 रन बनाए हैं। यदि उन्हें 31 जुलाई से शुरू हो रही सीरीज के लिए चुना जाता है तो वह पहली बार इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट मैच खेलेंगे। उन्होंने कहा, 'बैंगलुरू में मैंने एस. श्रीशांत जैसे बोलरों के खिलाफ नेट पर बैटिंग की और मुझे कोई असहजता महसूस नहीं हुई। मैं दिल्ली में एक या दो दिन में प्रैक्टिस शुरू करूंगा।' भारत की ओर से 114 वन डे मैचों में 40.73 की औसत से 4073 रन बनाने वाले इस लेफ्ट हैंडर ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह मानसिक सुधार से जुड़ा है। किसी खिलाड़ी को बॉल को जल्दी देखकर देर से खेलना होता है। टॉप लेवल पर आपको अपने खेल को मजबूत बनाना होता है और मैंने यह किया है। इंग्लैंड में शुरुआती बॉल को तब तक ड्राइव करना आसान नहीं होता जब तक आप सुनिश्चित नहीं हो। इसके अलावा कुछ और शॉट्स हैं, जिनसे बचना होता है। बाकी चीजें मैं वहां पहुंचने के बाद करूंगा।'ड्डगैरजरूरी था विवाद
कंधे की चोट के बावजूद आईपीएल में खेलने को लेकर मचे बवाल से गंभीर अब भी खफा है। कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गंभीर ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ इलिमिनेटर मैच तक टीम की कमान संभाली। उन्हें वर्ल्ड कप के दौरान चोट लगी थी, जिसके कारण वह वेस्ट इंडीज टूर पर नहीं जा सके। यह पूछने पर कि आईपीएल से बाहर रहकर क्या वह विवाद से बच सकते थे, गंभीर ने कहा ,'मुझे लगता है कि पूरा वाक्या गैर जरूरी था। यह खबर को बेचने का शिगूफा था। सबसे दुखद बात तो यह है कि केकेआर के अच्छे प्रदर्शन को इस वजह से अनदेखा कर दिया गया। मुझे इकबाल अब्दुल्ला, मनोज तिवारी, साकिब अल हसन, रजत भाटिया जैसे खिलाडि़यों के लिए दुख हो रहा है, जिन्होंने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन इस गैर जरूरी विवाद के कारण उस पर ध्यान नहीं गया। मैं हमेशा टीम के प्रति समर्पित रहा हूं। मेरे पारिवारिक संस्कार ही ऐसे हैं। क्लब, स्टेट, देश या फ्रैंचाइजी के लिए खेलते समय, मैं ऐसा ही सोचता हूं। मैने भारतीय टीम में शामिल होने के लिए काफी मेहनत की है और मेरे लिए यह बहुत मायने रखता है।'
साख का सवाल
गौतम का ध्यान फिलहाल पूरी तरह से इंग्लैंड टूर पर है , जहांभारतीय टीम को चार टेस्ट और पांच वन डे खेलने हैं। उन्होंनेकहा , ' यदि मेरा सिलेक्शन होता है तो मैं टीम को अच्छीशुरुआत देने की पूरी कोशिश करूंगा। साउथ अफ्रीका के अलावाइंग्लैंड इस समय ऐसी टीमों में से है , जिसे हराना चुनौतीपूर्णहोगा। उनके पास बेहतरीन बॉलिंग अटैक है , जिसमें तेज गेंदबाजऔर स्पिनर शामिल हैं। ' गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड को उसकीसरजमीं पर हराने से भारत का टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन टीम कादर्जा पुख्ता होगा। उन्होंने कहा , ' हमने इस साल की शुरुआत मेंसाउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया औरइसी साल हम ऑस्ट्रेलिया भी जाएंगे। यदि हम इंग्लैंड औरऑस्ट्रेलिया दोनों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो मुझे लगता है किहम दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम के अपने दर्जे का सम्मानकर पाएंगे। '
हम नहीं कम
यह पूछने कि क्या इंग्लैंड का बोलिंग अटैक मेजबान टीम कोफायदे में रखेगा , क्योंकि भारतीय टीम पेस बॉलिंग डिपार्टमेंट मेंजहीर खान पर काफी निर्भर है , गंभीर ने कहा , ' देखिये ,घरेलू मैदान पर कोई भी टीम फायदे में होती है और इंग्लैंड भीइसका अपवाद नहीं है। लेकिन ध्यान रखिए हमने पर्थ , डरबन ,जोहांसबर्ग , हेडिंग्ले में टीमों में हराया है। पिछले बार इंग्लैंड मेंहमने टेस्ट सीरीज जीती थी। जहीर बेहतरीन बॉलर है और मुझेलगता है कि अन्य बोलरों के सहयोग से वह इंग्लैंड में काफीप्रभावी हो सकता है। ' यह पूछने पर कि आधुनिक क्रिकेट में वहबेस्ट कप्तान किसे मानते हैं , गंभीर ने कहा कि कप्तान तभीअच्छा होता है जब टीम अच्छी हो। उन्होंने कहा , ' मेरा हमेशासे मानना रहा है कि कप्तान तभी अच्छा होता है जब टीम अच्छीहो। केकेआर की कामयाबी मेरी कप्तानी के कारण नहीं बल्कि टीमऔर सहयोगी स्टाफ के कारण है। एमएस धोनी की अपनी शैलीहै और वह दबाव में कूल रहता है। लेकिन मैं यही कहूंगा किकप्तान नहीं बल्कि टीम बेस्ट होती है। '
मानसिक है मामला
गंभीर ने 38 टेस्ट में 51.33 की औसत से 3234 रन बनाए हैं। यदि उन्हें 31 जुलाई से शुरू हो रही सीरीज के लिए चुना जाता है तो वह पहली बार इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट मैच खेलेंगे। उन्होंने कहा, 'बैंगलुरू में मैंने एस. श्रीशांत जैसे बोलरों के खिलाफ नेट पर बैटिंग की और मुझे कोई असहजता महसूस नहीं हुई। मैं दिल्ली में एक या दो दिन में प्रैक्टिस शुरू करूंगा।' भारत की ओर से 114 वन डे मैचों में 40.73 की औसत से 4073 रन बनाने वाले इस लेफ्ट हैंडर ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह मानसिक सुधार से जुड़ा है। किसी खिलाड़ी को बॉल को जल्दी देखकर देर से खेलना होता है। टॉप लेवल पर आपको अपने खेल को मजबूत बनाना होता है और मैंने यह किया है। इंग्लैंड में शुरुआती बॉल को तब तक ड्राइव करना आसान नहीं होता जब तक आप सुनिश्चित नहीं हो। इसके अलावा कुछ और शॉट्स हैं, जिनसे बचना होता है। बाकी चीजें मैं वहां पहुंचने के बाद करूंगा।'ड्डगैरजरूरी था विवाद
कंधे की चोट के बावजूद आईपीएल में खेलने को लेकर मचे बवाल से गंभीर अब भी खफा है। कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गंभीर ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ इलिमिनेटर मैच तक टीम की कमान संभाली। उन्हें वर्ल्ड कप के दौरान चोट लगी थी, जिसके कारण वह वेस्ट इंडीज टूर पर नहीं जा सके। यह पूछने पर कि आईपीएल से बाहर रहकर क्या वह विवाद से बच सकते थे, गंभीर ने कहा ,'मुझे लगता है कि पूरा वाक्या गैर जरूरी था। यह खबर को बेचने का शिगूफा था। सबसे दुखद बात तो यह है कि केकेआर के अच्छे प्रदर्शन को इस वजह से अनदेखा कर दिया गया। मुझे इकबाल अब्दुल्ला, मनोज तिवारी, साकिब अल हसन, रजत भाटिया जैसे खिलाडि़यों के लिए दुख हो रहा है, जिन्होंने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन इस गैर जरूरी विवाद के कारण उस पर ध्यान नहीं गया। मैं हमेशा टीम के प्रति समर्पित रहा हूं। मेरे पारिवारिक संस्कार ही ऐसे हैं। क्लब, स्टेट, देश या फ्रैंचाइजी के लिए खेलते समय, मैं ऐसा ही सोचता हूं। मैने भारतीय टीम में शामिल होने के लिए काफी मेहनत की है और मेरे लिए यह बहुत मायने रखता है।'
साख का सवाल
गौतम का ध्यान फिलहाल पूरी तरह से इंग्लैंड टूर पर है , जहांभारतीय टीम को चार टेस्ट और पांच वन डे खेलने हैं। उन्होंनेकहा , ' यदि मेरा सिलेक्शन होता है तो मैं टीम को अच्छीशुरुआत देने की पूरी कोशिश करूंगा। साउथ अफ्रीका के अलावाइंग्लैंड इस समय ऐसी टीमों में से है , जिसे हराना चुनौतीपूर्णहोगा। उनके पास बेहतरीन बॉलिंग अटैक है , जिसमें तेज गेंदबाजऔर स्पिनर शामिल हैं। ' गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड को उसकीसरजमीं पर हराने से भारत का टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन टीम कादर्जा पुख्ता होगा। उन्होंने कहा , ' हमने इस साल की शुरुआत मेंसाउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया औरइसी साल हम ऑस्ट्रेलिया भी जाएंगे। यदि हम इंग्लैंड औरऑस्ट्रेलिया दोनों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो मुझे लगता है किहम दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम के अपने दर्जे का सम्मानकर पाएंगे। '
हम नहीं कम
यह पूछने कि क्या इंग्लैंड का बोलिंग अटैक मेजबान टीम कोफायदे में रखेगा , क्योंकि भारतीय टीम पेस बॉलिंग डिपार्टमेंट मेंजहीर खान पर काफी निर्भर है , गंभीर ने कहा , ' देखिये ,घरेलू मैदान पर कोई भी टीम फायदे में होती है और इंग्लैंड भीइसका अपवाद नहीं है। लेकिन ध्यान रखिए हमने पर्थ , डरबन ,जोहांसबर्ग , हेडिंग्ले में टीमों में हराया है। पिछले बार इंग्लैंड मेंहमने टेस्ट सीरीज जीती थी। जहीर बेहतरीन बॉलर है और मुझेलगता है कि अन्य बोलरों के सहयोग से वह इंग्लैंड में काफीप्रभावी हो सकता है। ' यह पूछने पर कि आधुनिक क्रिकेट में वहबेस्ट कप्तान किसे मानते हैं , गंभीर ने कहा कि कप्तान तभीअच्छा होता है जब टीम अच्छी हो। उन्होंने कहा , ' मेरा हमेशासे मानना रहा है कि कप्तान तभी अच्छा होता है जब टीम अच्छीहो। केकेआर की कामयाबी मेरी कप्तानी के कारण नहीं बल्कि टीमऔर सहयोगी स्टाफ के कारण है। एमएस धोनी की अपनी शैलीहै और वह दबाव में कूल रहता है। लेकिन मैं यही कहूंगा किकप्तान नहीं बल्कि टीम बेस्ट होती है। '
तीसरा दिन इशांत के नाम रहा, विकेटों की सेंचुरी पूरी
दूसरे टेस्ट में धोनी को 'नो बॉल' पर दिया गया आउट
ब्रिजटाउन।। वेस्ट इंडीज दौरे पर टीम इंडिया को मैदानी ही नहीं थर्ड अंपायर के खराब फैसलों से भी जूझना पड़ रहा है। वेस्ट इंडीज के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट में भारत की पहली पारी के दौर kaptan धोनी को थर्ड अंपायर ने नो बॉल पर आउट दिया था। दरअसल थर्ड अंपायर को रिप्ले में नो बॉल की जगह दूसरी गेंद दिखाई गई थी।
एडवर्ड्स की जिस बॉल पर धोनी को आउट दिया गया, थर्ड अंपायर को टेलिविजन रिप्ले में इसकी जगह किसी दूसरी गेंद का रिप्ले दिखाया गया। गौरतलब है कि धोनी को जमैका में खेले गए पहले टेस्ट में भी नो बॉल पर आउट दे दिया गया था।
दूसरे टेस्ट में एडवर्ड्स के 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर शिवनारायण चंद्रपॉल ने धोनी का कैच लपक दिया था। धोनी इसके बाद पविलियन लौटने लगे। अंपायर गाउड ने धोनी को मैदान पर रुकने को कहा। उन्होंने तीसरे अंपायर से पूछा कि कहीं एडवर्ड्स की बॉल नो बॉल तो नहीं थी?
रिप्ले में दिखाया गया कि एडवर्ड्स का पैर क्रीज के अंदर ही था। लेकिन अब यह बात सामने आई है कि दरअसल अंपायर को गलत बॉल का रिप्ले दिखाया गया। धोनी जिस बॉल पर आउट हुए वह नो बॉल ही थी।
इस विवादित फैसले के समय टीम इंडिया की हालत बेहद पतली थी। उसके 167 पर पांच विकेट गिर चुके थे। धोनी का विकेट गिरने के बाद टीम इंडिया का पारी 201 रन पर सिमट गई थी।
तूफानी हवाओं के बीच इंग्लैंड ने श्रीलंका को 'धोया'
एंडरसन ने पहले स्पैल में चार ओवर में 14 रन देकर तीन विकेट लिये। कप्तान तिलकरत्ने दिलशान का कैच बाउंड्री पर टिम ब्रेसनन ने लपका। इसके बाद महेला जयवर्धने एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। वहीं कुमार संगकारा ने रिटर्न कैच थमाया। अपना आखिरी वन डे खेल रहे सनत जयसूर्या ने ब्रेसनन की गेंद पर ईयोन मोर्गन को गली में कैच दे दिया। वह दो रन ही बना सके। एंडरसन ने बेहतरीन फील्डिंग का नमूना पेश करते हुए मिडविकेट में एंजेलो मैथ्यूज का शानदार कैच लपका। श्रीलंका के छह विकेट 57 रन पर उखड़ गए थे। सूरज रणदीव और लसित मालिंगा ने नौवें विकेट के लिए 52 रन नहीं जोड़े होते तो श्रीलंका का हश्र और बुरा होता।
इससे पहले सलामी बल्लेबाज क्रेग कीसवेटर की हाफ सेंचुरी की मदद से इंग्लैंड ने 32 ओवर में आठ विकेट पर 229 रन बनाए। इंग्लैंड को जब पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया गया तो सात ओवर बाद ही बारिश आ गई, जिससे तीन घंटे तक खेल नहीं हो पाया। इसके बाद मैच 32-32 ओवर का कर दिया गया।
कीसवेटर ने अपनी 61 रन की पारी में दो छक्के और चार चौके लगाये। उन्होंने वन डे मैचों में तीसरी हाफ सेंचुरी लगाई। इयोन मोर्गन ने 45 रन बनाए, जबकि जयसूर्या ने इयान बेल का विकेट लिया। यह उनका 445वें मैच में 190वां विकेट है। श्रीलंका की तरफ से मालिंगा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 40 रन देकर तीन विकेट लिए।
आईसीसी ने दी चेतावनी, नेताओं से दूर रहें बोर्ड
आईसीसी ने क्रिकेट को सरकारी हस्तक्षेप से दूर रखने की अपनी कोशिश के तहत सदस्य देशों के बोर्डों से कहा है वे कार्यकारिणी में राजनेताओं को शामिल करने से बचें। इस तरह की टिप्पणी के जरिए आईसीसी ने एक तरीके से बीसीसीआई पर निशाना साधा है।
आईसीसी ने कहा कि उसके कार्यकारी बोर्ड ने अपनी बैठक में फैसला किया है कि क्रिकेट की बेहतरी के लिए सभी क्रिकेट बोर्डों को स्वतंत्र चुनाव कराने और राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहते हुए स्वतंत्र तरीके से काम करना होगा।
कार्यकारिणी ने साफ किया है कि अगर आईसीसी यह पाती है कि किसी देश के बोर्ड में सरकार का प्रशासनिक हस्तक्षेप है तो वह उस बोर्ड को सस्पेंड कर सकती है।
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगर्ट ने कहा कि यह पेचीदा मामला है और यही कारण है कि आईसीसी ने सभी बोर्डों को अपनी व्यवस्था सुधारने के लिए 12 महीने का समय दिया है।
आईसीसी ने कहा कि उसके कार्यकारी बोर्ड ने अपनी बैठक में फैसला किया है कि क्रिकेट की बेहतरी के लिए सभी क्रिकेट बोर्डों को स्वतंत्र चुनाव कराने और राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहते हुए स्वतंत्र तरीके से काम करना होगा।
कार्यकारिणी ने साफ किया है कि अगर आईसीसी यह पाती है कि किसी देश के बोर्ड में सरकार का प्रशासनिक हस्तक्षेप है तो वह उस बोर्ड को सस्पेंड कर सकती है।
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगर्ट ने कहा कि यह पेचीदा मामला है और यही कारण है कि आईसीसी ने सभी बोर्डों को अपनी व्यवस्था सुधारने के लिए 12 महीने का समय दिया है।