मंरेगा एक योजना जो सिर्फ कागजो पे ही असर दार है , जी हा मई उसी योजना की बात कर रहा हु जिसपे हमारी सरकार कहते नहीं थकती ये अब तक का सबसे अच्छा योजना है खासकर गरीब तबके के लोगो के लिए, जहा तक मैंने देखा ,सोचा वहा तक तो ये असर बिहीन रहा|
सचाई जिसे फील किया मैंने
हर बार की तरह मैं अपने गाव गया , वहा सुना की सरकार ऐसा योजना लायी है जिसमें १ साल में १०० दिन तक गरीबो को मिलेगा काम, वाकई ये अद्भुत था उन लोगो के लिए जो नौकरी के लिए बाहर ना जा पते थे. लेकिन जब इसकी सचाई सामने आई तो पाया की ये भी गरीब बर्ग के लिए नहीं बल्कि अमीरों के लिए ही है. जहा तक गाव की बात है वहा ग्राम प्रधान , सेक्रेटरी जो जो बेहतर होते है उन्लोगी से जिहे भोजन नहीं मिलती टाइम से | ओ खाते है पैसा , और सरकारी कागज बोलता है गरीबो को उनका उनको निवाला|
पैसा खाने के पीछे की राजनीति
अगर आप करते है मजदूरी , तो आपसे ये बोला जायेगा की आप किसी कम को जितना जल्दी करोगे आपको आगे तक दिया जायेगा काम, क्योकि ये है आपकी मज़बूरी , आपको चाहिए रोटी उन्हें आपका खून, इस तरह से आप 3o दिन के कम को लेट रात तक करके करोगे १० दिन में , कागज पे लिखा जायेगा 3o दिन, आपके हक मव आया ३० दिन का पैसा लेकिन ग्राम प्रधान के सेक्रेट्री आपक पास आयेगा ये बोलने के लिए आप १५ दिन के बाद का जो पैसा है उसको ग्राम प्रधान को लाके दो ताकि ओ जाके ला सके और काम
तो हुई ना ह्मंरे गरीब लोगो का कल्याण.
लोग कहे तो किससे
आखिर गरीब जाये और कहे किससे , ग्राम प्रधान तो कम लता है , ब्लॉक के लोग कम देते है पैसा ले के , अगर आप जयदे एक्टिवे हो तो आपको ही थोडा पैसा दे के शांत क्र देंगे , कुल मिलाके आपके बस में सिर्फ और सिर्फ हड्डी और जान लगाना है कुछ और नही |
ये है भारत की सबसे बड़ी योजना की छोटी सी सचाई.
बड़ी सचाई तो गोद को नहीं पता हम और आप क्या जाने .....................
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