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बलात्कारी मस्त ! कानुन का कोई डर नही, खामोश सरकार ,किसी बड़े घटना का इंतजार


बलात्कारी मस्त ! कानुन का कोई डर नही, खामोश सरकार ,किसी बड़े घटना का इंतजार !

रेप की घटनाये दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं कानून का डर बलात्कारी को नही है एक भारतीय होने के नाते क्या आपको (माननीय प्रधानमंत्री जी , सुप्रीमकोर्ट,राष्ट्रपति महोदय) नही लगता है कि एक कढोर कानुन बनाया जाय जिसको जानकर बलात्कारियो की रूह तक काप जाय या आप (निर्भया कांड दिसम्बर १२ ) से भी बहशी घटनाओं की प्रतीक्षा कर रहे है
माननीय प्रधानमंत्री जी आप तो पूर्ण बहुमत में है आप तो कुछ कर सकते है क्योकि आप देश में  अच्छे दिन लाने का वादा किया है अगर यह केवल चुनावी वादा था तब तो कोई बात नही ,  नहीं तो कुछ बिशेष करे अन्यथा  कुदरत भी देखकर शर्म से आँख बंद कर लेगा कि मनुष्य को मैंने बहुत सोच समझकर बनाया लेकिन वह कुत्तो से भी बदतर निकला  आज एक बेटी अपने बाप से महफुज नही है एक बहन जो आपनी रक्षा के लिए भाई को हर साल राखी बाधती है लंबी उमर की कामना करती है लेकिन भाई क्या करता है सबके सामने है एक, एक बर्ष की मासूम जो केवल खिलखिला कर हँसना जानती है उसके साथ बलात्कार होता है और कानुन के रखवाले ,न्यायपालिका साबुत मांगते है क्या गलती है उस मासूम की या माँ – बाप की, काले कोट वाले अमीरजादो को बचाने में कोई कसर नही छोड़ते है  इंसाफ के मंदिर में आखेँ बंद कर सफेद मूर्ति हाथ में तराजू लेकर खड़ी हैं साबुत के आभावों एवं पैसो के बल पर अमीरजादे छुट जाते है वे अपने गन्दी हरकतों से बाज नही आते और फिर गन्दी खेल खेलते रहते है   समाजसेवक जो हर पांच बर्ष के बाद घारियाली आंसू बहाते हुए आते है और जीतने के बाद क्या करते है हमारे सामने है अपने हितो की रक्षा के लिए कोई भी बिधेयक,( सांसद, बिधायक) सदन में ध्वनिमत से पारित कर लेते है जबकि कोई नेता यह बताए की रेप से सम्बंधित किसी कड़ी कानुन के लिए चर्चा हुआ हो  शायद नहीं ?क्योकि कानुन बना तो सबसे पहले उनके गले में ही फासी का फंदा होगा क्यों की वे होटलों में क्या –क्या करते है सारी दुनिया जानती है   जीतने भी रेप अबतक शायद हुआ है गरीब या मध्यम वर्ग के बेटियों या बहनों के साथ हुआ है यही रेप राजनेताओं, नौकरशाहो के बेटियों या बहनो के साथ हुआ होता तो शायद कठोर कानुन बन गया होता लेकिन बात ये है कि वे इस मामले में बेशर्म है क्योकि ये हाई सोसाइटी में रेप नही रजामंदी होती हैं लेकिन भारतीय सांकृति में इसकी कोई जगह नही हैं
इसके बाद भी हमारी न्यायपालिका, कार्यपालिका के रखवाले नही चेतते है तो वह माँ भी  श्राप देगी तथा तुम्हे जन्म देने पर पछतावा  करेगी कि  तुम्हारे हाथ में पॉवर होने के बाद भी मेरी  ( सभी महिलाओं )  की रक्षा  के लिए कुछ नही किया  रेप  करने वाले तो गन्दी नाली  के कीड़े मकोड़े है ही लेकिन उसको  जानकर , देखकर कड़ी  सजा  ( फासी ) न देनेवाला तो उससे भी .बदतर एवं घठिया श्रेणी का इन्सान है ......................
महोदय आप इस पर बिशेष चिंतन करते हुए जल्द से जल्द बलात्कारियो के लिए सिर्फ एक सजा, सज़ा , मौत के लिए कानुन बनाये , नही तो अच्छे दिन का नारा भूल जाये
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