सभी अटकलों को दरकिनार करतेहुए सरकार ने रसोई गैस के दाम में जोरदारबढ़ोतरी कर दी है। साथ ही डीजल और केरोसिनके दाम भी बढ़ा दिये हैं। रसोई गैस सिलिंडर में50 रुपये , डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर औरकेरोसिन में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कीगई है। बढ़ी दरें आधी रात से लागू होगी।दाम बढ़ाने से तेल कंपनियों के घाटे में 21 हजार करोड़ रुपये की कमी आएगी। उधर , वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने तेल कीमतों में इस बढ़ोतरी को ' मामूली ' बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकारें कुछ टैक्स कम कर लोगों को राहत देंगी।
इसके अलावा तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए सभी पेट्रोलियम प्रॉडक्टों पर कस्टमड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी भी घटाई गई है। इससे सरकार को 49 हजार करोड़ रुपये का घाटाहोगा।
इसके अलावा तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए सभी पेट्रोलियम प्रॉडक्टों पर कस्टमड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी भी घटाई गई है। इससे सरकार को 49 हजार करोड़ रुपये का घाटाहोगा।
यह फैसला शुक्रवार को वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में तेल पर गठित उच्चाधिकार प्राप्तमंत्रियों के समूह ( ईजीओएम ) की बैठक में लिया गया। इस फैसले की फैसले की जानकारी देतेहुए पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा कि इस साल तेल कंपनियों को करीब 1.71 लाख करोड़रुपये का घाटा होने का अनुमान हैं। जितने उपाय किये गये हैं , उससे घाटा करीब 70 हजारकरोड़ रुपये हो जाएगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा , ' मैं यह कहीं कहा सकता है कि चालू वित्त वर्ष के दौरानपेट्रोलियम प्रॉडेक्टों की कीमतें नहीं बढ़ेगी। सरकार परिस्थितियां देखेंगी और उसके अनुसार फैसलेकरेगी। ' उन्होंने कहा हमने कोशिश की है कि कम से कम भार आम आदमी पर डाला जाए।
डीजल के दामों पर महंगाई और इसकी दर पर क्या असर पड़ेगा ? इस सवाल को टालते हुएरेड्डी ने कहा , ' यह तो आने वाले समय बताएगा। सरकार हर चुनौतियों का सामना करने केलिए तैयार हैं। वैसे सामांतर रूप से महंगाई को कम करने के उपाय हो रहे हैं। ' उन्होंने कहा किहमारे पर दामों में बढ़ोतरी के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हमें आदमी के साथ देश कीअर्थव्यवस्था को देखना पड़ता है। यही कारण है कि सरकार ने भी ड्यूटी में कमी करते हुए कुछबोझ अपने ऊपर उठाया है और दूसरी तरफ से आम आदमी पर भी कुछ बोझ डाला है।
तेल कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार डीजल पर 15.91 रुपये , रसोई गैस पर 381 रुपये औरकेरोसिन पर करीब 21 रुपये का उन्हें घाटा हो रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा , ' मैं यह कहीं कहा सकता है कि चालू वित्त वर्ष के दौरानपेट्रोलियम प्रॉडेक्टों की कीमतें नहीं बढ़ेगी। सरकार परिस्थितियां देखेंगी और उसके अनुसार फैसलेकरेगी। ' उन्होंने कहा हमने कोशिश की है कि कम से कम भार आम आदमी पर डाला जाए।
डीजल के दामों पर महंगाई और इसकी दर पर क्या असर पड़ेगा ? इस सवाल को टालते हुएरेड्डी ने कहा , ' यह तो आने वाले समय बताएगा। सरकार हर चुनौतियों का सामना करने केलिए तैयार हैं। वैसे सामांतर रूप से महंगाई को कम करने के उपाय हो रहे हैं। ' उन्होंने कहा किहमारे पर दामों में बढ़ोतरी के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हमें आदमी के साथ देश कीअर्थव्यवस्था को देखना पड़ता है। यही कारण है कि सरकार ने भी ड्यूटी में कमी करते हुए कुछबोझ अपने ऊपर उठाया है और दूसरी तरफ से आम आदमी पर भी कुछ बोझ डाला है।
तेल कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार डीजल पर 15.91 रुपये , रसोई गैस पर 381 रुपये औरकेरोसिन पर करीब 21 रुपये का उन्हें घाटा हो रहा है।
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