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क्यों उठ रहा है लोगो का विश्वास अला दर्जे के अधिकारियो से

आज मै बात  उनलोगों का करना चाहता हु जो हमारे समाज का रक्षक है यानि की पूलिस और उनके बड़े अधिकारी, वैसे भी हम या हमारा समाज जब भी कभी परेसान होता है तो इनके ही पास जाता है और जाये क्यों न ये हमारे रक्षक जो ठहरे| मै आज जो बताना चाहता हु ये बहुत ही आम बात है उनलोगों के लिए जो छोटे स्तर पे आते है यानि जिसका सहायता करने वाले या तो कम है या बिलकुल भी नहीं है , मै आपको ये बात एक सची और वास्तविक घटना के माध्यम से बताना चाहूँगा |

हमारा समाज            

समाज में दो तरह के लोग है , एक बड़े लोग जिनके पास पैसा , पावर और अछे भले राज्नितिजो से पहचान है और एक ओ जिनकी पहंचान या तो  नहीं है या फिर है भी तो गाव और घर के आस पास के लोगो तक सिमित है | सायद इसी तरह का समाज है आज का | 

कैसे होते है आमलोग परेशांन 

मै अब एक ऐसे गाव की बात करने जा रहा हु जो है तो बड़ा , लेकिन वहा के लोग सायद आपको भी जाल में फसा दे वो भी किसी गलती के लिए नहीं ,सिर्फ इसलिए की आप उसके साथ गए | वैसे आप उनसे नहीं कानून के हाथ फसेंगे , बदले में कानून को (यानि इनके रखवाले पुलिस  को) पैसा जो मिलेगा ,
            जब तक आप चैन से है उनके  पास, उनके हिसाब से तो फिर आप सबसे अच्छे है ,नही तो आपके खिलाफ केस फाइल होना तो कोई नहीं रोक सकता , वैसे भी अगर  आपको करना होगा तो आपके पास ५० रुपये ,२०० रुपये या इससे जयादे होने चाहिए| आप पुलिस स्टेशन जाके ये बोल दो , उसने मेरा  कोई नुकसान किया (चाहे ओ उनके फसल तोडा ,या कुछ भी जो आपको लगे की अछा बहाना लगे ), इअतना काफी है | ये तो हुई आपके खिलाफ केस फाइल करने के , आब आपको पता भी तो चलना चाहिए की आपने  किसके खिलाफ आख उठाने की  हीमत की है, उसके लिए आपको देने होंगे अलग से पैसे ताकि आपकी थोड़ी बहुत तुडाई भी हो जाये. जी हा यही ओ स्टेप्स है जिससे आप किसी को पुलिश और कानून के दोषी बना सकते है, 

दोषी कौन है बड़े लोग ,गरीब लोग या फिर कानून के रखवाले ?

अगर मै अपनी राय दू तो न ही दोषी बड़े लोग है नहीं गरीब लोग , है ये कानून के रखवाले है , जब कोई शिकायत करता है उन्हें  उसकी सचाई की जाच तो करनी चाहिए , अगर वो सची बात है फिर दोषी के खिलाफ करवाई की जाये ,नहीं तो फिर उनलोगों पे उसके गंभीरता के हिसाब के करवाई करे | 

लेकिन मै आपसे प्रशन पूछना चाहूँगा 

१- क्या सरकार इनको पैसे नहीं देती ?
२- क्या सचाई की जाच के लिए इनको साधन मुहैया नही करायी जाती ?
३- क्या ये समाज से जुड़े नहीं है  जो गरीबो की दर्द को नहीं समझ सकते ?
४- क्या इनके  ऊपर कोई नहीं जो इन्हें इनके द्वारा किये गए गलतियों को बता सके , रोक सके ?


ये मै कानून के रखवालो से पूछना चाहूँगा 

जो लोग ऐसी हरकते करते है छोटी छोटी बातो और पैसे के लिए , क्या ओ हमारे समाज को उनलोगों से बचा पायेगे जिनके पास इनको खरीद लेने कोई क्षमता है ,

जब ये लोगो का विश्वास इतनी आसानी से तोड़ सकते है ,कुछ लोगो के लिए तो फिर आम लोगो का विशवास तो टूटेगा ही.


सरकार को शायद कोई न कोई कदम तो उठानी ही चाहिए जिससे आम लोगो को और देश को बचाया जा सके 




Anand Kumar

Anand Kumar

I am Anand Kumar, Co-Founder of ASBrainZ Technologies. Apart of this I am founder & Editor at Csharpmagic.com/www.Smartonpay.com. I like to share my Knowledge,Thought which comes in mind. This thoughts and view is my personal opinion .

1 comment:

  1. उठा हुआ विशास है महोदय. बस इसे इधर से उधर करके बढ़ते रहते हैं. यही आदतन हो चला है. और हाँ, सारे कदम सरकार नहीं उठा सकती...कुछ कठोर कदम हमें उठाने होंगे निंदा की हद तक भी जाकर...अगर बुराई कि जड़ता पे चोट करनी है तो...
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    आपके लिए एक जरूरी आमंत्रण @ उल्टा तीर (सिर्फ़ दो दिन शेष!)

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